कहते हैं कि ऊँचाई पर पहुँचकर इंसान अक्सर ज़मीन को देखना भूल जाता है। कभी पैसों की चमक, कभी रुतबे का नशा और कभी अपनी बात को ही सही साबित करने की ज़िद रिश्तों में दरार डाल देती है। ऐसे में सही शब्द मन की बात कहने का सबसे आसान रास्ता बन जाते हैं। अगर आप किसी घमंडी इंसान के बर्ताव पर अपनी बात रखना चाहते हैं या खुद को आईना दिखाना चाहते हैं, तो यह Ghamand Shayari आपके काम आएगी। साथ ही Rishte Ghamand Shayari और Daulat Ka Ghamand Shayari जैसे भावों को भी शब्द दिए गए हैं, जिन्हें आप स्टेटस, कैप्शन या मैसेज में इस्तेमाल कर सकते हैं।
Ghamand Shayari

ऊँचाई पर पहुँचकर जो ज़मीन को भूल जाता है,
वक़्त आने पर वही अपनी औक़ात पर आता है। 😏
दौलत की चमक में जिनकी आँखें चौंधिया गईं,
उन्हें अपनों की सूरतें भी धुँधली नज़र आईं। 💰
गुरूर वो नशा है जो उतरता है ठोकर खाकर,
समझ आता है सबक़ अकेले में रोकर। 🍂
जिसे बस अपनी ही बात हमेशा सही लगती है,
उसके पास से हर महफ़िल धीरे-धीरे खिसकती है। 🪞
जहाँ दोनों झुकना न जानें, वहाँ रिश्ते कब टिकते हैं,
ईगो में तो अपने भी बन जाते हैं बेगाने। 🤝
मतलब निकलते ही जिनके लहजे बदल जाते हैं,
वो रिश्ते नहीं, बस सौदे निकल आते हैं। 💔
मेरा एटिट्यूड घमंड नहीं, मेरे उसूलों की पहचान है,
जो झूठ के आगे न झुके, वही मेरी शान है। 😎
घमंड करने वालों ने तख़्त भी गँवाए हैं,
वक़्त ने हर ताज को मिट्टी में मिलाए हैं। 👑
दौलत से महल तो बन गए, पर घर नहीं बन पाया,
जिसे अकड़ ने पाला, उसने अपनापन गँवाया। 🏰
आईने को तोड़ देने से चेहरा नहीं बदलता,
सच सुनने से भागने वाला कभी नहीं सँभलता। 🪞
तेरे गुरूर का जवाब मैं वक़्त को सौंप देता हूँ,
ख़ामोश रहकर भी अपनी हद में जी लेता हूँ। 🕰️
ऊँचे ओहदे पर बैठकर जो छोटों को भूल जाए,
वो इंसान नहीं, बस कुर्सी का साया कहलाए। 🪑
घमंड की आग में जलकर रिश्ते राख हुए,
जो कभी गहरे थे, वो भी आख़िर ख़ाक हुए। 🔥
अपनी तारीफ़ों में जो दिन-रात डूबा रहता है,
उससे हर कोई सच कहने से डरता है। 🙊
झुकना कमज़ोरी नहीं, बड़प्पन की निशानी है,
अकड़ वालों की अक्सर अधूरी ही कहानी है। 🌱
Matlabi Rishte Ghamand Shayari

जब तक ज़रूरत थी, वो हर पल साथ निभाते रहे,
काम निकलते ही अपना रुतबा जताते रहे। 🎭
मतलबी रिश्तों की पहचान बस इतनी सी है,
काम हो तो अपनापन, न हो तो बेरुख़ी सी है। 💔
जिनके लिए मैंने अपना हर सपना दबा दिया,
उन्होंने मेरे एहसान को पल में भुला दिया। 😞
दोस्ती और रिश्ते वहीं तक थे जहाँ तक फ़ायदा था,
आगे तो हर कोई अपने घमंड का क़ायदा था। 📉
जो मुसीबत में साथ निभाने का दम भरते थे,
वही वक़्त आने पर बहाने से मुकरते थे। 🙃
रिश्तों में जब नफ़े-नुक़सान की बात चलती है,
अपनेपन की मिठास वहीं से ढलती है। ⚖️
उनकी मुस्कुराहट में भी एक सौदा छुपा था,
हमने जिसे अपनापन समझा, वो सिर्फ़ ज़रूरत का पर्दा था। 🎭
ऊँची उड़ान भरते ही उन्होंने नज़रें फेर लीं,
जिन्हें सहारा दिया था, उन्होंने ही राहें घेर लीं। 🕊️
जब मतलब का दौर था, हम बड़े अज़ीज़ थे,
अब बेमतलब हुए तो हम बस एक चीज़ थे। 🥀
काम बनते ही उसने अपना असली रंग दिखाया,
बड़ी सफ़ाई से उसने रिश्ता निभाया। 🎨
जो रिश्ता सिर्फ़ फ़ायदे की नींव पर टिकता है,
वो वक़्त की पहली बारिश में ही बिखरता है। 🌧️
कल तक जो हर बात पर मेरी हामी भरते थे,
आज मेरी ज़रूरत पर वही किनारा करते थे। 🚶
वो अपनों में गिने जाते थे जब तक काम था,
अब उनके लिए मेरा हर एहसान बेनाम था। 💭
मतलबी लोगों से गिला भी क्या करना,
जो बदल ही जाते हैं, उनसे वफ़ा क्या करना। 🙅
अपनेपन का दावा वो सबसे ऊँचा करते हैं,
और निभाने में हर बार हमें नीचा करते हैं। 😶
Rishte Ghamand Shayari

रिश्ते की डोर जब बहुत ज़्यादा तन जाती है,
तो अकड़ के हाथों में ही टूट जाती है। 🧵
दो दिलों के बीच जब “मैं” आ जाता है,
तब “हम” का हर सपना बिखर जाता है। 💔
माफ़ी माँग लेने से कोई छोटा नहीं होता,
पर अकड़ में रिश्ता कभी बड़ा नहीं होता। 🤝
जिन रिश्तों में झुकना ही हार मान लिया जाए,
वहाँ प्यार कैसे अपना मक़ाम पाए। 🌱
बात तो छोटी थी, पर ज़िद बहुत बड़ी हो गई,
और अपनों के बीच ख़ामोशी की दीवार खड़ी हो गई। 🧱
पहले वो बोले, पहले वो झुके, इसी ख़्याल में,
कितने रिश्ते गुम हो गए वक़्त की चाल में। ⏳
हर बहस जीतने की आदत ने ये सिखाया है,
रिश्ता हारकर भी कोई कहाँ जीत पाया है। 🏳️
रुतबे की दीवार जब घर के आँगन में उठी,
तो अपनों की हँसी भी चुपचाप घुटी। 🏠
जिसने रिश्तों में हमेशा हुक्म चलाया,
उसने प्यार नहीं, बस डर कमाया। 😟
अपनों से बड़ा दिखने की जो चाह रहती है,
वही रिश्तों के बीच ख़ामोश आह रहती है। 🥀
ग़लती मेरी नहीं थी, बस यही कहते रहे,
और रिश्ते धीरे-धीरे बहते रहे। 🌊
रिश्तों में हार-जीत का हिसाब नहीं होता,
जहाँ हो हिसाब, वहाँ प्यार बेहिसाब नहीं होता। 🤍
जिसने रिश्तों में झुकना सीख लिया,
उसने पूरी दुनिया को जीत लिया। 🌍
अपनेपन में जब अकड़ का ज़हर मिल जाता है,
तो मीठा से मीठा रिश्ता भी कड़वा हो जाता है। ☕
रूठे हुए को मनाना छोटा काम नहीं होता,
अकड़ में बैठे रहने का कोई इनाम नहीं होता। 🌸
Ego Rishte Ghamand Shayari

दो सच्चे प्यार करने वाले ईगो में उलझ गए,
और वक़्त रहते सुलझने के रास्ते भी बंद हो गए। 🔒
तुम भी चुप, मैं भी चुप, बस यही तो ग़लती थी,
ईगो की जंग में मोहब्बत चुपचाप जलती थी। 🔥
मैं क्यों झुकूँ, तुम क्यों झुको, इसी सवाल में,
प्यार की उम्र ढल गई सिर्फ़ मलाल में। 🥀
ईगो ने जब भी दिल से बड़ा दिखना चाहा,
मोहब्बत ने चुपके से पीछे हटना चाहा। 💞
उसकी भी ज़िद थी, मेरी भी अना थी,
इसी बीच एक प्यारी कहानी फ़ना थी। 📕
जिस दिन ईगो से बड़ा प्यार हो जाएगा,
उसी दिन हर रिश्ता गुलज़ार हो जाएगा। 🌹
दोनों को लगा कि दूसरा पहल करेगा,
और इसी इंतज़ार में रिश्ता ढल जाएगा। ⌛
अना की तलवार से जो रिश्ता कट गया,
वो सिर्फ़ दो दिलों का नहीं, पूरा घर बँट गया। 🗡️
ईगो के बोझ से जब कंधे झुक गए,
तब पता चला अपने कितने दूर हो गए। 😔
मैंने कहा “तुम आओ”, तुमने कहा “पहले तुम”,
इसी “पहले तुम” में खो गए हम-तुम। 🌫️
ईगो का नशा उतरा तो अहसास हुआ,
जिसे खोया, वही तो सबसे ख़ास हुआ। 💭
जिसे मैं दिल से चाहता रहा, उसी से अकड़ता रहा,
और वो चुपके से मुझसे बिछड़ता रहा। 🚶
बात पर बात बढ़ती गई, ज़िद बढ़ती रही,
और मोहब्बत की डोर हर बार उधड़ती रही। 🧶
ईगो से जीत भी गए तो हासिल क्या हुआ,
जब अपना ही कोई साथ में शामिल न हुआ। 🏆
सुलह की पहली बात कहने में शर्म कैसी,
प्यार में अकड़ की इतनी गर्मी कैसी। ☀️
Ghamand Shayari In Hindi

अहंकार जब सिर चढ़कर बोलने लगता है,
विवेक चुपके से दूर खिसकने लगता है। 🧠
अभिमान का सूरज जब ऊँचाई पर आता है,
अपनी ही परछाईं को छोटा कर जाता है। ☀️
रावण जैसा ज्ञानी भी अहंकार में डूब गया,
सोने की लंका का हर सपना टूट गया। 🔱
दंभ की सीढ़ियाँ जितनी ऊँची चढ़ी जाती हैं,
गिरने की चोट उतनी गहरी बढ़ी जाती है। 🪜
विनम्रता है तो हर सम्मान है,
अभिमान है तो बस अपमान है। 🙏
जिस डाल पर फल लदे होते हैं, वही झुकती है,
खाली डाल अक्सर अकड़ में ही तनती है। 🌳
अहंकार ने जिसे भी अपना घर बना लिया,
उसने अपनों को अपने हाथों से भुला दिया। 🏚️
धन-बल का जिसे अभिमान हुआ,
समय ने उसका मान-मर्दन किया। ⚔️
सबसे ऊँचा वही है जिसमें सादगी बसती है,
अहंकार की ऊँचाई तो बस हवा में रहती है। 🍃
घमंड की आँधी में दीये जल नहीं पाते,
जो अपनों से दूर हैं, वो सँभल नहीं पाते। 🪔
जिस मन में अभिमान का बीज बोया जाता है,
उसमें प्रेम का फूल कब कहाँ खिल पाता है। 🌵
अहम ने जब भी आँखों पर पट्टी बाँधी है,
ठोकर ही उसकी सबसे बड़ी साथी है। 👁️
गर्व करो तो अपनी मेहनत की राहों पर,
घमंड मत करना दौलत की पनाहों पर। 💪
जिसने ज्ञान पाकर भी झुकना नहीं जाना,
उसने विद्या का मतलब ही नहीं पहचाना। 📚
अभिमान का महल रेत पर बनता है,
समय की एक लहर में ढहना पड़ता है। 🏖️
Ghamand Shayari 2 Line

ग़ुरूर सिर पर हो तो पाँव डगमगाते हैं,
वक़्त के थपेड़े सबको सबक़ सिखाते हैं। 🌀
बड़ा बनने का शौक़ है तो दिल बड़ा करो,
अकड़ से नहीं, अपने काम से नाम खड़ा करो। ✨
सोच ऊँची रखो, अकड़ नहीं,
वरना गिरोगे तो सँभलने की फ़ुर्सत नहीं। ⚠️
शोहरत मिली तो सब सलाम करने लगे,
ग़ुरूर आया तो अपने भी किनारा करने लगे। 🌟
जो झुका नहीं, वो एक दिन टूट गया,
जो झुक गया, वो सबके दिल में बस गया। 🌿
तेरी अकड़ का कोई जवाब नहीं देगा,
वक़्त ख़ुद तेरा हिसाब ले लेगा। ⏰
घमंड का सौदा हमेशा घाटे का होता है,
इंसान अपनी ही नज़र में गिरता जाता है। 📉
जिसने भी ख़ुद को ख़ुदा समझ लिया,
वक़्त ने उसे इंसान बना दिया। 🕰️
सब्र रखो, अकड़ वालों का अंत बुरा होता है,
अपनी ही चाल में एक दिन वो धुआँ होता है। 💨
ऊपर वाला भी घमंड को पसंद नहीं करता,
इसीलिए बड़े-बड़ों का ग़ुरूर चूर करता है। 🙏
बोल में मिठास हो तो इज़्ज़त मिलती है,
अकड़ में बात करो तो दूरी मिलती है। 🍯
दिखावे की चमक ज़्यादा देर नहीं टिकती,
सच्चाई हर अँधेरे में भी नहीं छिपती। 💡
मैंने बड़े-बड़े ताजों को मिट्टी में देखा है,
ग़ुरूर को सबसे पहले गिरते देखा है। 👑
उसे लगता है वो सबसे ऊपर है,
पर आसमान भी किसी के ऊपर है। 🌌
अकड़ है तो कुछ नहीं, नर्मी है तो सब कुछ है,
रिश्ते और इज़्ज़त का बस यही तो मतलब है। 🌸
Daulat Ka Ghamand Shayari

जिसने नोटों की गड्डी को अपनी पहचान बना लिया,
उसने इंसानियत का हर पैमाना गँवा दिया। 💵
पैसे से महँगी चीज़ें ख़रीदी जा सकती हैं,
पर सच्ची मोहब्बत नहीं ख़रीदी जा सकती। ❤️
तिजोरी भरी है पर दिल ख़ाली पड़ा है,
वो अमीर होकर भी अकेला खड़ा है। 🔐
दौलत ने कद ऊँचा किया, पर सोच नीची रह गई,
इसीलिए अमीरी भी ग़रीबी की मिसाल बन गई। 💰
सिक्कों की खनक में जिसने दुआएँ अनसुनी कीं,
उसने ख़ुद अपनी क़िस्मत की राहें सूनी कीं। 🪙
पैसा आता-जाता है, पहचान रह जाती है,
अच्छी हो तो नाम में ख़ुशबू बस जाती है। 🌺
अमीरी पर इतराने वाले, इतना ही याद रखना,
वक़्त पलटे तो काम आती है मीठी बात रखना। 🍀
दौलत से कोठियाँ बनीं, पर चैन का ठिकाना नहीं मिला,
अकड़ के बाज़ार में अपनापन कहीं नहीं मिला। 🏛️
नोटों के बिस्तर पर भी नींद नहीं आई,
जब अपनों की जगह घर में तन्हाई आई। 🌙
जिसे दौलत ने आसमान पर पहुँचा दिया,
उसने ज़मीन पर चलने वालों को भुला दिया। ✈️
रुपये-पैसे की ताक़त पर जो सबको तौलता है,
वो अपनी ही क़ीमत कम करके बोलता है। ⚖️
अमीर वो नहीं जिसके पास बहुत कुछ हो,
अमीर वो है जिसके पास अपनों का साथ हो। 🤗
दौलत का नशा भी अजीब होता है,
सबके पास होकर भी वो ग़रीब होता है। 🥂
महल की दीवारों में जब ग़ुरूर बस जाता है,
तो खिड़कियों से भी हँसी का आना बंद हो जाता है। 🏰
पैसे की गर्मी में जो रिश्तों को जलाता रहा,
आख़िर अपने ही हाथ मलता रहा। 🔥
Attitude Ghamand Shayari

मैं वैसा ही हूँ जैसा हूँ, बदलने का इरादा नहीं,
किसी के लिए ख़ुद को झुकाने का वादा नहीं। 😎
मेरी ख़ामोशी को मेरी कमज़ोरी मत समझना,
हर हँसी के पीछे मजबूरी मत समझना। 🤫
जो मुझसे जलते हैं, जलते रहें,
हम अपनी ही रफ़्तार से चलते रहें। 🔥
हम झुकते नहीं, यह हमारी आदत है,
इज़्ज़त से मिलो तो झुकना भी इबादत है। 🙌
मेरा अंदाज़ अलग है, मेरी बात अलग है,
भीड़ में रहकर भी मेरी हर सौग़ात अलग है। ✨
हम उन लोगों में से हैं जो वक़्त बदल देते हैं,
और वक़्त के साथ कभी ख़ुद को नहीं बदलते हैं। ⏳
किसी की जी-हुज़ूरी मुझसे नहीं होती,
पर इज़्ज़त देने में कभी कमी नहीं होती। 🤝
ख़ुद पर यक़ीन है, इसलिए सिर उठाकर चलता हूँ,
इसे ग़ुरूर मत कहना, मैं मेहनत से पलता हूँ। 💪
जो ठान लिया वो कर दिखाया,
लोग जलते रहे, हमने वक़्त को हराया। 🏆
दुनिया की भीड़ में अलग पहचान बनाई है,
हमने अपने दम पर हर मंज़िल पाई है। 🚀
मुझे सलाह देने वाले बहुत मिले,
पर साथ चलने वाले बहुत कम मिले। 🚶
मेरे अंदाज़ की नक़ल तो कर लोगे,
पर मेरी मेहनत कहाँ से भर लोगे। 🦁
मैं शेर हूँ, मुझे झुंड की ज़रूरत नहीं,
अकेला ही काफ़ी हूँ, किसी की इजाज़त नहीं। 🐯
अपने वक़्त पर हर कोई चमकता है,
मेरा सितारा भी एक दिन ज़रूर दमकता है। 🌟
एटिट्यूड वो जो काम से पहचाना जाए,
घमंड वो जो बातों से जताया जाए। 🎯
इसे भी पढ़ें :-
- महाकाल शायरी 2 लाइन attitude
- Guru Purnima Quotes In Marathi
- Khubsurti Ki Tareef Shayari
- Maa Ke Liye Shayari
- दुश्मन की औकात शायरी
- Matlabi Family Rishte Shayari
- मामा भांजा शायरी
- मेहनत शायरी दो लाइन
- Gulzar Shayari for Husband
- Mothers Day Shayari in Marathi
- Bahin Quotes in Marathi
- Attitude Quotes in Marathi
- Savitribai Phule Shayari in Marathi
- Bharosa Shayari
- जलाने attitude शायरी
- Karma Quotes in Marathi
- Mothers Day Shayari in Marathi
- Bahin Quotes in Marathi
- Attitude Quotes in Marathi
- Savitribai Phule Shayari in Marathi
- Bharosa Shayari
- Brother Shayari in Marathi
- गाँव की याद शायरी
- Aaji Quotes in Marathi
- Meaningful Diwali Quotes in Hindi
- Gautam Buddha Quotes in Hindi
- Motivational Lord Hanuman Quotes in Hindi
- Hariyali Teej Wishes in Hindi
- Mahashivratri Quotes in Hindi
- Dosti चिढ़ाने कॉमेडी shayari
- Jigri Yaar Shayari
- Onam Wishes in Malayalam
- Nag Panchami Wishes In Hindi
- Happy Kajari Teej Wishes
- Gudi Padwa Wishes In Marathi
निष्कर्ष
घमंड चाहे दौलत का हो, ओहदे का या अपनी सोच का, उसका अंत अक्सर अकेलेपन पर ही होता है। ये शायरियाँ सिर्फ किसी पर तंज़ कसने के लिए नहीं हैं, बल्कि यह याद दिलाने के लिए भी हैं कि विनम्रता ही असली पहचान है। अपने मूड के हिसाब से अपनी पसंद की Ghamand Shayari चुनिए। जब कभी Attitude Ghamand Shayari जैसा तेवर दिखाना हो, तो लहजा तीखा रखिए, मगर रिश्तों की मिठास बचाकर रखिए। शब्द वही अच्छे, जो सोच को जगाएँ।
||शायरी प्रिय लोगो के लिए विशेष संग्रह सिर्फ shayaritreasure.comपर, अपनी एक नज़र ज़रूर डालें |
